श्रावण, शुक्ल षष्ठी

तृतीय मंगला गौरी व्रत

18 Aug 2026, 10:30 AM Ujjain मंगलवार
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श्रावण माह 2026 में तृतीय मंगला गौरी व्रत कब है?

मंगला गौरी व्रत श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को किया जाता है; तृतीय मंगलवार को इसका विशेष महत्त्व है। धर्मशास्त्रों के अनुसार विवाह के बाद पाँच वर्षों तक यह व्रत रखना चाहिए और पाँचवें वर्ष के अंतिम मंगलवार को उद्यापन करना श्रेयस्कर माना गया है। प्रातः स्नान कर सुहागिन महिलाएँ नए वस्त्र, चूड़ियाँ और श्रृंगार धारण कर सप्तगंध, पुष्प, सिन्दूर और ऋतु-फल से माता गौरी तथा भगवान शिव की संयुक्त आराधना करती हैं। संकल्प मंत्र—“मम पुत्रापौत्रासौभाग्यवृद्धये श्रीमंगलागौरीप्रीत्यर्थं पंचवर्षपर्यन्तं मंगलागौरीव्रतमहं करिष्ये”—का उच्चारण कर व्रत आरम्भ किया जाता है। दिन भर कथा-स्मरण, दीप-जागरण और स्तुति के बाद सायंकाल स्त्रियाँ कक्षर, घेवर अथवा लड्डू का नैवेद्य चढ़ाती हैं और सुहाग-सामग्री का दान करती हैं। 

अंतिम अपडेट: 27 Apr 2026 18 Aug 2026
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