श्रावण मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को पड़ने वाली ‘श्रावण शिवरात्रि’ शिव भक्तों के लिए वर्ष का एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण पर्व है। मान्यता है कि सावन में महादेव विशेष रूप से प्रसन्न रहते हैं; अतः आज के दिन उनका अभिषेक और स्तुति बहुगुणित फल देती है। प्रातः स्नान के बाद गंगाजल, दुग्ध, मधु, घृत और शहद से रुद्राभिषेक किया जाता है। तत्पश्चात पंचमुखी रुद्राक्ष की माला से ‘ॐ नमः शिवाय’ तथा महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से पापों का विनाश और रोगों का शमन होता है। रात्रि में शिवलिंग पर बिल्वपत्र, धतूरा और आक पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित करें; इससे साधक को दीर्घायु, स्वास्थ्य और मनोवांछित सफलता का आशीष प्राप्त होता है।