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श्रावण शिवरात्रि

1 अगस्त 2027 · रविवार आषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी

श्रावण माह 2026 में श्रावण शिवरात्रि कब है?

संक्षिप्त उत्तर

श्रावण शिवरात्रि 2027 कब है?

श्रावण शिवरात्रि 2027 रविवार, 1 अगस्त 2027 को मनाई जाएगी। श्रावण शिवरात्रि की तिथि आषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी है। श्रावण शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:25 – 08:04 तक रहेगा।

दिनांक1 अगस्त 2027
तिथिआषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी
पूजा मुहूर्त05:25 – 08:04
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआषाढ़, कृष्ण चतुर्दशीश्रावण माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवतासूर्य देवरविवार
नक्षत्रपुनर्वसुवज्र
संक्षिप्त परिचय

श्रावण शिवरात्रि का महत्व और उत्सव

श्रावण शिवरात्रि आषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्रपुनर्वसु
योगवज्र
करणविष्टि
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपश्चिमघी या दलिया खाकर

श्रावण शिवरात्रि के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:49 – 04:37 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:25 – 08:04 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:37 – 12:31 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:57 – 17:50 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:56 – 19:08 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 17:03 – 18:43 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 01 Aug 04:54 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:49–04:37
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:25–08:04
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:37 – 12:31
तिथि समाप्त 01 Aug 04:54 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:56–19:08

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

श्रावण शिवरात्रि — महत्व, कथा और परंपरा

श्रावण मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को पड़ने वाली ‘श्रावण शिवरात्रि’ शिव भक्तों के लिए वर्ष का एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण पर्व है। मान्यता है कि सावन में महादेव विशेष रूप से प्रसन्न रहते हैं; अतः आज के दिन उनका अभिषेक और स्तुति बहुगुणित फल देती है। प्रातः स्नान के बाद गंगाजल, दुग्ध, मधु, घृत और शहद से रुद्राभिषेक किया जाता है। तत्पश्चात पंचमुखी रुद्राक्ष की माला से ‘ॐ नमः शिवाय’ तथा महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से पापों का विनाश और रोगों का शमन होता है। रात्रि में शिवलिंग पर बिल्वपत्र, धतूरा और आक पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित करें; इससे साधक को दीर्घायु, स्वास्थ्य और मनोवांछित सफलता का आशीष प्राप्त होता है।

मंत्र संग्रह

श्रावण शिवरात्रि से संबंधित मंत्र

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शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

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विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

श्रावण शिवरात्रि की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)आषाढ़
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह श्रावण माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन आषाढ़ माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में श्रावण शिवरात्रि 1 अगस्त 2027 (रविवार) को है।
श्रावण शिवरात्रि आषाढ़, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।