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नाग पञ्चमी

6 अगस्त 2027 · शुक्रवार आषाढ़, शुक्ल पंचमी

श्रावण माह 2026 में नाग पञ्चमी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

नाग पञ्चमी 2027 कब है?

नाग पञ्चमी 2027 शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 को मनाई जाएगी। नाग पञ्चमी की तिथि आषाढ़, शुक्ल पंचमी है। नाग पञ्चमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:28 – 08:06 तक रहेगा।

दिनांक6 अगस्त 2027
तिथिआषाढ़, शुक्ल पंचमी
पूजा मुहूर्त05:28 – 08:06
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआषाढ़, शुक्ल पंचमीश्रावण माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवतानागदेव
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनीसिद्ध
संक्षिप्त परिचय

नाग पञ्चमी का महत्व और उत्सव

नाग पञ्चमी आषाढ़, शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन नागदेव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल पंचमी
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी
योगसिद्ध
करणबव
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

नाग पञ्चमी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:52 – 04:40 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:28 – 08:06 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:37 – 12:30 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:55 – 17:48 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:53 – 19:05 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:24 – 12:04 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 06 Aug 05:51 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:52–04:40
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:28–08:06
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:37 – 12:30
तिथि समाप्त 06 Aug 05:51 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:53–19:05

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

नाग पञ्चमी — महत्व, कथा और परंपरा

सावन शुक्ल पंचमी को मनाई जाने वाली नाग पंचमी सर्प-पूजन का प्रमुख पर्व है। इस दिन अनन्त, वासुकि, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख—इन अष्टनागों की विशेष आराधना की जाती है। परंपरा के अनुसार धरती की खुदाई व ग्राम्य कर्म रोके जाते हैं, ताकि सर्पों का आवास बाधित न हो। पूजा के लिये नागदेव का चित्र या मिट्टी-धातु की प्रतिमा स्थापित कर दूध, खील-धान, दूब-दूर्वा और पुष्प अर्पित किए जाते हैं; कहीं-कहीं नागबेल के पत्ते भी समर्पित किए जाते हैं। भविष्य पुराण की कथा बताती है कि इसी तिथि पर आस्तिक मुनि ने जनमेजय के यज्ञ को रोककर नागों को यज्ञाग्नि से बचाया था, तब शीतल दूध से उनका स्नान कराकर शांति प्रदान की गई थी। माना जाता है कि इस दिन सर्प-पूजन करने से कालभय दूर रहता है और परिवार पर सदा रक्षा-कवच बना रहता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

नाग पञ्चमी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआषाढ़, शुक्ल पंचमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवनागदेव
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में नाग पञ्चमी 6 अगस्त 2027 (शुक्रवार) को है।
नाग पञ्चमी आषाढ़, शुक्ल पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।