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रक्षा बन्धन

15 सितंबर 2027 · बुधवार श्रावण, शुक्ल पूर्णिमा

श्रावण माह 2026 में रक्षा बन्धन कब है?

संक्षिप्त उत्तर

रक्षा बन्धन 2027 कब है?

रक्षा बन्धन 2027 बुधवार, 15 सितंबर 2027 को मनाई जाएगी। रक्षा बन्धन की तिथि श्रावण, शुक्ल पूर्णिमा है। रक्षा बन्धन की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:44 – 08:11 तक रहेगा।

दिनांक15 सितंबर 2027
तिथिश्रावण, शुक्ल पूर्णिमा
पूजा मुहूर्त05:44 – 08:11
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिश्रावण, शुक्ल पूर्णिमाश्रावण माह के व्रत-त्योहार
वार-देवताभगवान गणेशबुधवार
नक्षत्रशतभिषाधृति
संक्षिप्त परिचय

रक्षा बन्धन का महत्व और उत्सव

रक्षा बन्धन श्रावण, शुक्ल पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्रशतभिषा
योगधृति
करणविष्टि
ऋतुशरददक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलउत्तरधनिया या तिल खाकर

रक्षा बन्धन के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:08 – 04:56 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:44 – 08:11 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:28 – 12:18 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:24 – 17:13 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:15 – 18:27 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 11:53 – 13:25 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 14 Sep 09:08 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:08–04:56
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:44–08:11
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:28 – 12:18
तिथि समाप्त 15 Sep 09:48 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:15–18:27

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

रक्षा बन्धन — महत्व, कथा और परंपरा

श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रक्षाबन्धन भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व है। इस दिन बहनें रोली-अक्षत से तिलक कर, राखी बाँधते समय वैदिक मंत्र “येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः” का उच्चारण करती हैं और भाई की दीर्घायु व उन्नति की कामना करती हैं। परंपरा के अनुसार, पूजा-विधि भद्रा-काल में नहीं होनी चाहिए, क्योंकि पृथ्वी पर भद्रा की उपस्थिति मंगल-कार्य में विघ्न डालती है; अतः राखी बाँधने से पहले पंचांग में भद्रा की समाप्ति का समय देखना आवश्यक है। राखी के साथ मिठाई खिलाना तथा भाई द्वारा उपहार देना आपसी प्रेम को और भी मधुर बनाता है। श्रावण की वर्षा, हरियाली और धार्मिक उत्साह इस पर्व को अतिरिक्त उल्लास प्रदान करते हैं, जिससे परिवार-समाज में सौहार्द और सुरक्षा का भाव पुष्ट होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

रक्षा बन्धन की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिश्रावण, शुक्ल पूर्णिमा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में रक्षा बन्धन 15 सितंबर 2027 (बुधवार) को है।
रक्षा बन्धन श्रावण, शुक्ल पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।