आश्विन, शुक्ल पूर्णिमा

कोजागर पूजा

25 Oct 2026, 05:25 PM Ujjain रविवार
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आश्विन माह 2026 में कोजागर पूजा कब है?

आश्विनशुक्लपूर्णिमा की उजली रात, जिसे कोजागर या शरदपूर्णिमा कहा जाता है, देवीलक्ष्मी के जागरणपर्व का प्रधान दिवस है। नारदपुराण के अनुसार व्रती प्रातःस्नान कर उपवास का संकल्प लेते हैं। पीतल, ताँबे, चाँदी या स्वर्ण की लक्ष्मीप्रतिमा को वस्त्र से ढँक कर पुष्प, अक्षत, धूपदीप और मंत्रोच्चार से पूजन किया जाता है। चन्द्रोदय के साथ घी के100दीपक प्रज्वलित होते हैं; दूधचावल की खीर खुले आकाश तले रखी जाती है, जो चंद्रकिरणों का अमृत ग्रहण करती है। वही प्रसाद देवी को अर्पित कर ब्राह्मणों और ज़रुरतमंदों में वितरित किया जाता है। अगले प्रातः पुनः लक्ष्मीपूजन के बाद व्रत पारण होता है। शरदकालीन आश्विन माह का स्वच्छ नभ, मंद बयार और पके धान की सुवास इस साधना को समृद्धि, जागरूकता और शुभकार्यता का उत्सव बना देती है।

अंतिम अपडेट: 22 Apr 2026 25 Oct 2026
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