ज्येष्ठ, शुक्ल पूर्णिमा

संत कबीरदास जयंती

18 Jun 2027, 10:04 AM Ujjain शुक्रवार
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संत कबीरदास की जयंती कब है?

ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन संत कबीरदास की जन्म-ज्योति लेकर आता है, इसलिए हर वर्ष इस तिथि पर उनकी जयंती श्रद्धा से मनाई जाती है। भक्तिकाल के अग्रणी कवि कबीर ज्ञानाश्रयी निर्गुण धारा के प्रवर्तक थे। अपने दोहों के माध्यम से उन्होंने समाज में व्याप्त आडम्बरों और कुरीतियों पर प्रहार किया तथा जीवन भर इन्हें मिटाने का प्रयत्न किया। स्वयं निरक्षर होकर भी उन्होंने गुरु स्वामी रामानन्द से शास्त्र-विधा पाई और सहज, सरस, जनभाषा में अमर रचनाएँ रचीं। विधिवत शिक्षा उन्हें भले न मिली हो, पर उनकी वाणी में ऐसा ओज था कि साधारण जन से लेकर विद्वान तक सबको झकझोर दिया। कबीरदास का सम्पूर्ण जीवन सच्चाई, समानता और सहज भक्ति का अनुपम आदर्श प्रस्तुत करता है।

अंतिम अपडेट: 13 Jul 2026 18 Jun 2027
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