भाद्रपद, कृष्ण अष्टमी

माँ आद्यकाली प्राकट्योत्सव

04 Sep 2026, 07:55 AM Ujjain शुक्रवार
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भाद्रपद माह 2026 में माँ आद्यकाली प्राकट्योत्सव कब है?

दस महाविद्याओं में अग्रणी भगवती महाकाली को ही आद्यकाली कहा जाता है। कालिकापुराण में वर्णित कथा अनुसार महामाया का उग्र स्वरूप ही कालों का संहार करने वाली काली हैं, जिनके सौम्य-उग्र विविध प्रस्फुटन महाविद्या-परंपरा को जन्म देते हैं। तांत्रिक दृष्टि से उनका प्राकट्योत्सव आश्विन कृष्ण अष्टमी को माना गया, किंतु अनेक भक्त जन्माष्टमी (भाद्रपद कृष्ण अष्टमी) की रात्रि को ही आद्यकाली-पूजन करते हैं। तब घटती वर्षा, शरद का आरम्भ और स्वच्छ आकाश साधना का अनुकूल परिवेश रचते हैं। व्रती को शिशु-सदृश सरल हृदय से ध्यान करते हुए काली सहस्रनाम, अष्टोत्तरशतनाम, कवच-स्तोत्र या हृदय का मानसिक जप करना चाहिए; सावधानीपूर्वक, एकाग्र मन से किया गया यह पाठ शीघ्र फल प्रदान करता है और साधक को निर्भयता, त्वरित अनुग्रह तथा आध्यात्मिक तेज से आलोकित कर देता है।

अंतिम अपडेट: 23 Apr 2026 04 Sep 2026
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