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देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव

13 मई 2027 · गुरुवार चैत्र, शुक्ल अष्टमी

वैसाख माह 2027 में देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव कब है?

संक्षिप्त उत्तर

देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव 2027 कब है?

देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव 2027 गुरुवार, 13 मई 2027 को मनाई जाएगी। देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव की तिथि चैत्र, शुक्ल अष्टमी है। देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:14 – 07:54 तक रहेगा।

दिनांक13 मई 2027
तिथिचैत्र, शुक्ल अष्टमी
पूजा मुहूर्त05:14 – 07:54
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिचैत्र, शुक्ल अष्टमीवैसाख माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतामाँ बगलामुखी
वार-देवताभगवान विष्णुगुरुवार
नक्षत्रआश्लेषावृद्धि
संक्षिप्त परिचय

देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव का महत्व और उत्सव

देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव चैत्र, शुक्ल अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन माँ बगलामुखी की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल अष्टमी
नक्षत्रआश्लेषा
योगवृद्धि
करणविष्टि
ऋतुग्रीष्मउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:38 – 04:26 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:14 – 07:54 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:27 – 12:21 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:48 – 17:41 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:47 – 18:59 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:34 – 15:14 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 12 May 11:12 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:38–04:26
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:14–07:54
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:27 – 12:21
तिथि समाप्त 13 May 09:17 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:47–18:59

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव — महत्व, कथा और परंपरा

देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। वैसाख का महीना साधना, तप और सिद्धि का काल माना जाता है, इसलिए इस मास में महाविद्या उपासना का विशेष महत्व है। इसी दिन माँ बगलामुखी का अवतरण हुआ था, जो स्तंभन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। धार्मिक मान्यता है कि वे अपने भक्तों के भय का नाश कर शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों को निष्क्रिय कर देती हैं। माँ बगलामुखी का स्वरूप स्वर्णिम पीले रंग का है, इसलिए उनकी पूजा में पीले वस्त्र, पीले पुष्प और नारियल अर्पित करने का विधान है। साधक यदि श्रद्धा से देवी की मूर्ति पर पीला वस्त्र अर्पित करता है, तो बड़े से बड़े संकट भी दूर हो जाते हैं। देवी की कृपा से जीवन में विजय, स्थिरता और आत्मविश्वास प्राप्त होता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिचैत्र, शुक्ल अष्टमी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवमाँ बगलामुखी
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव 13 मई 2027 (गुरुवार) को है।
देवी बगलामुखी प्राकट्योत्सव चैत्र, शुक्ल अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।