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यम दीपम

6 नवंबर 2026 · शुक्रवार आश्विन, कृष्ण द्वादशी

कार्तिक माह 2026 में यम दीपम कब है?

संक्षिप्त उत्तर

यम दीपम 2026 कब है?

यम दीपम 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। यम दीपम की तिथि आश्विन, कृष्ण द्वादशी है। यम दीपम की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:09 – 08:22 तक रहेगा।

दिनांक6 नवंबर 2026
तिथिआश्विन, कृष्ण द्वादशी
पूजा मुहूर्त06:09 – 08:22
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआश्विन, कृष्ण द्वादशीकार्तिक माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवतायमराज
वार-देवतामाँ लक्ष्मी · माँ संतोषीशुक्रवार
नक्षत्रहस्तविष्कम्भ
संक्षिप्त परिचय

यम दीपम का महत्व और उत्सव

यम दीपम आश्विन, कृष्ण द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन यमराज की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण द्वादशी
नक्षत्रहस्त
योगविष्कम्भ
करणतैतिल
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमजौ या दही खाकर

यम दीपम के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:33 – 05:21 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:09 – 08:22 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:19 – 12:03 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:45 – 16:29 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:26 – 17:38 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 10:18 – 11:41 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 06 Nov 10:30 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:33–05:21
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:09–08:22
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:19 – 12:03
तिथि समाप्त 07 Nov 10:47 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:26–17:38

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

यम दीपम — महत्व, कथा और परंपरा

कार्तिक-मास की कृष्ण त्रयोदशी की संध्या को यम-दीपम का पुण्य क्षण आता है। इस दिन मृत्यु-देव यमराज के नाम पर दीपदान करने से पारिवारिक जन अकाल-मृत्यु और असमय कष्टों से सुरक्षित रहते हैं। परम्परा है कि सूर्यास्त के बाद, जब घर के सभी सदस्य एकत्र हों, आँगन अथवा मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर तिल या घी का दीपक प्रज्ज्वलित किया जाए। दीपक में तेल, रुई की बत्ती, थोड़े चावल और काली तिल अवश्य रखें—मान्यता है कि यमराज इस समर्पण से प्रसन्न होकर दीर्घ आयु, उत्तम स्वास्थ्य और भय-निवारण का वर देते हैं। यदि घर की गृहलक्ष्मी स्वयं दीपदान करे, तो दैवी कृपा और पारिवारिक सौहार्द दोनो ही कई गुना बढ़ जाते हैं, और दीपावली-पूर्व वातावरण आध्यात्मिक उजास से भर उठता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

यम दीपम की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआश्विन, कृष्ण द्वादशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवयमराज
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)आश्विन
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन आश्विन माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में यम दीपम 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार) को है।
यम दीपम आश्विन, कृष्ण द्वादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।