कार्तिक, शुक्ल चतुर्दशी

मणिकर्णिका स्नान

23 Nov 2026, 08:06 AM Ujjain सोमवार
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कार्तिक माह 2026 में मणिकर्णिका स्नान कब है?

काशी का मणिकर्णिका घाट, जिसे चक्र-पुष्करणी भी कहते हैं, वही स्थान है जहाँ सृष्टि के प्रारम्भ में भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन-चक्र से कुण्ड बनाया और अस्सी हज़ार वर्ष तक तपस्या की। किंवदन्ती है कि सर्वप्रथम यहीं नारायण ने स्नान किया; इसलिए वैकुण्ठ चतुर्दशी की रात्रि के तीसरे प्रहर में यहाँ डुबकी लगाना शिव-विष्णु के सायुज्य और मोक्ष का सहज द्वार माना जाता है। स्कन्द पुराण पुष्ट करता है—“मध्याह्ने मणिकर्णिका हरिहरो सायुज्य-मुक्ति-प्रदौ”—अर्थात दोपहर का स्नान साधक को दोनों देवों का सानिध्य और बन्धन-मुक्ति देता है। हर वर्ष इस पावन तिथि पर हज़ारों श्रद्धालु दीप-पंक्तियों के उजास में एकत्र होकर पाप-क्षालन हेतु स्नान करते हैं, मानो क्षणभर में जन्म-जन्मान्तर के बोझ गंगा-जल में विलीन हो जाते हों।

अंतिम अपडेट: 20 Apr 2026 23 Nov 2026
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