हिन्दू व्रत एवं त्यौहार - BhaktiSarovar.in

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी

22 जून 2027 · मंगलवार ज्येष्ठ, कृष्ण तृतीया

आषाढ़ माह 2026 में कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी 2027 कब है?

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी 2027 मंगलवार, 22 जून 2027 को मनाई जाएगी। कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी की तिथि ज्येष्ठ, कृष्ण तृतीया है। कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:09 – 07:53 तक रहेगा।

दिनांक22 जून 2027
तिथिज्येष्ठ, कृष्ण तृतीया
पूजा मुहूर्त05:09 – 07:53
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिज्येष्ठ, कृष्ण तृतीयाआषाढ़ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान गणेश
वार-देवताहनुमान जीमंगलवार
नक्षत्रउत्तराषाढ़ाइन्द्र
संक्षिप्त परिचय

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी का महत्व और उत्सव

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी ज्येष्ठ, कृष्ण तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण तृतीया
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
योगइन्द्र
करणविष्टि
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलउत्तरगुड़ खाकर

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:33 – 04:21 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:09 – 07:53 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:32 – 12:27 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 17:02 – 17:57 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 18:04 – 19:16 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 15:25 – 17:08 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 22 Jun 11:20 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:33–04:21
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:09–07:53
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:32 – 12:27
तिथि समाप्त 22 Jun 11:20 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 18:04–19:16

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी — महत्व, कथा और परंपरा

कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला संकष्टी व्रत हर माह भक्तों को विघ्नहर्ता गणेश की कृपा का अवसर देता है। आषाढ़ मास की कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी वर्षा ऋतु के उमस भरे समय पर आती है, जब बादलों की गड़गड़ाहट धरती को पवित्र करती है। शिव-रहस्य पुराण के अनुसार इसी चतुर्थी के शुक्ल पक्ष में भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश का प्राकट्य हुआ था। व्रती सन्ध्या स्नान के बाद शुद्ध जल, पंचामृत, दुर्वा, पुष्प तथा अक्षत अर्पित कर गणपति का पूजन करते हैं। चन्द्र दर्शन के पश्चात ही फलाहार या भोजन ग्रहण किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस विधिपूर्वक उपासना से घर की नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है, कलह समाप्त होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि तथा मानसिक शान्ति स्थायी रहती है।

आवर्ती व्रत

अन्य संकष्टी चतुर्थी तिथियाँ

सभी संकष्टी चतुर्थी तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 29 सितंबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, कृष्ण तृतीया 8 दिन शेष देखें
वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी 29 अक्टूबर 2026 गुरुवार आश्विन, कृष्ण चतुर्थी 37 दिन शेष देखें
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 27 नवंबर 2026 शुक्रवार कार्तिक, कृष्ण तृतीया 66 दिन शेष देखें
अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 27 दिसंबर 2026 रविवार मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्थी 96 दिन शेष देखें
लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी 25 जनवरी 2027 सोमवार पौष, कृष्ण तृतीया 125 दिन शेष देखें
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 24 फरवरी 2027 बुधवार माघ, कृष्ण चतुर्थी 155 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — संकष्टी चतुर्थी हब पेज पर देखें।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिज्येष्ठ, कृष्ण तृतीया
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान गणेश
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)ज्येष्ठ
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन ज्येष्ठ माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

गूगल पर भक्ति सरोवर को पसंदीदा स्रोत बनाएं

1गूगल पर खोजें 2हमारा लिंक ढूँढें, ⋮ मेनू दबाएं 3"More from this site" चुनें पसंदीदा स्रोत बनाएं →
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी 22 जून 2027 (मंगलवार) को है।
कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी ज्येष्ठ, कृष्ण तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
!

अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।