ज्येष्ठ, शुक्ल त्रयोदशी

ज्येष्ठ शनि प्रदोष व्रत

28 Jun 2026, 12:53 AM Ujjain शनिवार
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ज्येष्ठ माह में शनि प्रदोष व्रत कब है?

ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ने वाला ज्येष्ठ शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। जब प्रदोष व्रत शनिवार के दिन आता है, तो इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखकर भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि प्रदोष काल में की गई शिव आराधना से शनि संबंधी कष्टों में राहत मिलती है, पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति तथा समृद्धि का आगमन होता है। श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति तथा आध्यात्मिक उन्नति का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।

अंतिम अपडेट: 17 Jun 2026 28 Jun 2026
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