गौरी व्रत प्रारम्भ का दिन माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं और कन्याओं द्वारा सुखी वैवाहिक जीवन, मनचाहे वर और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि माता गौरी की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है। व्रत के दौरान भक्त माता गौरी की पूजा-अर्चना कर उनसे सुख-शांति और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करते हैं।