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देवशयनी एकादशी

12 अगस्त 2027 · गुरुवार आषाढ़, शुक्ल एकादशी

देवशयनी एकादशी कब है?

संक्षिप्त उत्तर

देवशयनी एकादशी 2027 कब है?

देवशयनी एकादशी 2027 गुरुवार, 12 अगस्त 2027 को मनाई जाएगी। देवशयनी एकादशी की तिथि आषाढ़, शुक्ल एकादशी है। देवशयनी एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त 05:30 – 08:07 तक रहेगा।

दिनांक12 अगस्त 2027
तिथिआषाढ़, शुक्ल एकादशी
पूजा मुहूर्त05:30 – 08:07
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआषाढ़, शुक्ल एकादशीआषाढ़ माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान विष्णु
वार-देवताभगवान विष्णुगुरुवार
नक्षत्रज्येष्ठावैधृति
संक्षिप्त परिचय

देवशयनी एकादशी का महत्व और उत्सव

देवशयनी एकादशी आषाढ़, शुक्ल एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल एकादशी
नक्षत्रज्येष्ठा
योगवैधृति
करणवणिज
ऋतुवर्षादक्षिणायन
संवत्सररौद्र
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

देवशयनी एकादशी के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 03:54 – 04:42 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 05:30 – 08:07 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:37 – 12:29 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:51 – 17:43 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:48 – 19:00 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:41 – 15:19 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 12 Aug 05:13 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 03:54–04:42
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 05:30–08:07
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:37 – 12:29
तिथि समाप्त 12 Aug 05:13 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:48–19:00

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

देवशयनी एकादशी — महत्व, कथा और परंपरा

आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर की शेष शय्या पर योगनिद्रा में चले जाते हैं और चार मास बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी, यानी देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। यह चार-मासीय अवधि चातुर्मास कहलाती है; विवाह, गृहप्रवेश जैसे मंगल-कार्य तब तक स्थगित रखे जाते हैं। प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें और तुलसी-पत्र, पीत पुष्प, खीर या पीले मिष्ठान्न से विष्णु-लक्ष्मी का पूजन करें। उपवास रखकर एकादशी-कथा, विष्णु सहस्रनाम या गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करना शुभ माना गया है। श्रद्धा से किया गया यह व्रत सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करता है।

आवर्ती व्रत

अन्य एकादशी तिथियाँ

सभी एकादशी तिथियाँ देखें →
नामतिथिवारपक्ष/तिथिदिन शेष
परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, शुक्ल एकादशी आज देखें
इन्दिरा एकादशी 6 अक्टूबर 2026 मंगलवार भाद्रपद, कृष्ण एकादशी 14 दिन शेष देखें
पापांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार आश्विन, शुक्ल एकादशी 30 दिन शेष देखें
रमा एकादशी 5 नवंबर 2026 गुरुवार आश्विन, कृष्ण एकादशी 44 दिन शेष देखें
उत्पन्ना एकादशी व्रत 4 दिसंबर 2026 शुक्रवार कार्तिक, कृष्ण एकादशी 73 दिन शेष देखें
पौष पुत्रदा एकादशी 18 जनवरी 2027 सोमवार पौष, शुक्ल दशमी 118 दिन शेष देखें

पूरा वार्षिक कैलेंडर, व्रत विधि और पारण नियम — एकादशी हब पेज पर देखें।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

देवशयनी एकादशी की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआषाढ़, शुक्ल एकादशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान विष्णु
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में देवशयनी एकादशी 12 अगस्त 2027 (गुरुवार) को है।
देवशयनी एकादशी आषाढ़, शुक्ल एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।