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तैलंग स्वामी जयन्ती

19 जनवरी 2027 · मंगलवार पौष, शुक्ल एकादशी

पौष माह 2027 में तैलंग स्वामी जयन्ती कब है?

संक्षिप्त उत्तर

तैलंग स्वामी जयन्ती 2027 कब है?

तैलंग स्वामी जयन्ती 2027 मंगलवार, 19 जनवरी 2027 को मनाई जाएगी। तैलंग स्वामी जयन्ती की तिथि पौष, शुक्ल एकादशी है। तैलंग स्वामी जयन्ती की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:45 – 08:54 तक रहेगा।

दिनांक19 जनवरी 2027
तिथिपौष, शुक्ल एकादशी
पूजा मुहूर्त06:45 – 08:54
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिपौष, शुक्ल एकादशीपौष माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतातैलंग स्वामी
वार-देवताहनुमान जीमंगलवार
नक्षत्ररोहिणीब्रह्म
संक्षिप्त परिचय

तैलंग स्वामी जयन्ती का महत्व और उत्सव

तैलंग स्वामी जयन्ती पौष, शुक्ल एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन तैलंग स्वामी की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल एकादशी
नक्षत्ररोहिणी
योगब्रह्म
करणविष्टि
ऋतुशिशिरउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलउत्तरगुड़ खाकर

तैलंग स्वामी जयन्ती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:09 – 05:57 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:45 – 08:54 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:47 – 12:30 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:05 – 16:48 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:44 – 17:56 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 14:50 – 16:11 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 18 Jan 10:26 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:09–05:57
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:45–08:54
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:47 – 12:30
तिथि समाप्त 19 Jan 07:49 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:44–17:56

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

तैलंग स्वामी जयन्ती — महत्व, कथा और परंपरा

तपस्वी महायोगी तैलंगस्वामी का जन्म दक्षिण भारत में विजयानगर जनपद के होलियानगर में हुआ, किंतु उनकी सही जन्म‑तिथि अज्ञात है। बालकतैलंगधर प्रारम्भ से ही वैराग्यवृत्ति के थे; माता के देहांत के बाद उन्हीं की चिता‑स्थली पर उन्होंने लगभग बीसवर्ष तक कठोर साधना की। साधनकाल पूरा होने पर वे तीर्थभ्रमण को निकले और पटियाला में भगीरथस्वामी से संन्यासदीक्षा प्राप्त की। नेपाल, तिब्बत, गंगोत्री‑यमुनोत्री, प्रयाग, रामेश्वरम और उज्जैन जैसे पवित्र धामों की यात्राएँ करते‑करते अंततः वे काशी पहुँचे और वहीं स्थिर हो गए। आज भी पंचगंगा घाट पर उनका मठ विद्यमान है; स्वामीजी द्वारा पूजित कृष्ण‑मूर्ति के ललाट पर शिवलिंग तथा सिर पर श्री‑यंत्र अंकित है, यह अनूठा संगम उनकी अद्वैत साधना का प्रतीक माना जाता है। पौष शुक्ल एकादशी को उनकी जयन्ती और महासमाधि, दोनों ही तिथि, भक्तों द्वारा परम्परागत श्रद्धा और साधना के साथ मनाई जाती है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

तैलंग स्वामी जयन्ती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिपौष, शुक्ल एकादशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवतैलंग स्वामी
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में तैलंग स्वामी जयन्ती 19 जनवरी 2027 (मंगलवार) को है।
तैलंग स्वामी जयन्ती पौष, शुक्ल एकादशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।