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सकट चौथ

25 जनवरी 2027 · सोमवार पौष, कृष्ण तृतीया

माघ माह 2027 में सकट चौथ कब है?

संक्षिप्त उत्तर

सकट चौथ 2027 कब है?

सकट चौथ 2027 सोमवार, 25 जनवरी 2027 को मनाई जाएगी। सकट चौथ की तिथि पौष, कृष्ण तृतीया है। सकट चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:44 – 08:54 तक रहेगा।

दिनांक25 जनवरी 2027
तिथिपौष, कृष्ण तृतीया
पूजा मुहूर्त06:44 – 08:54
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिपौष, कृष्ण तृतीयामाघ माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान गणेश
वार-देवताशिव जीसोमवार
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनीशोभन
संक्षिप्त परिचय

सकट चौथ का महत्व और उत्सव

सकट चौथ पौष, कृष्ण तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण तृतीया
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी
योगशोभन
करणविष्टि
ऋतुशिशिरउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वदर्पण देखकर या दूध पीकर

सकट चौथ के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:08 – 05:56 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:44 – 08:54 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:48 – 12:32 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:09 – 16:53 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:49 – 18:01 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 08:05 – 09:27 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 25 Jan 08:10 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:08–05:56
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:44–08:54
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:48 – 12:32
तिथि समाप्त 26 Jan 06:00 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:49–18:01

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

सकट चौथ — महत्व, कथा और परंपरा

माघ मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाई जाने वाली सकट चौथ, जिसे वक्रतुण्डी चतुर्थी, माही चौथ या तिलकुटा चौथ भी कहा जाता है, संतान की दीर्घ आयु और आरोग्य के लिए समर्पित व्रत है। जनवरी की ठिठुरती हवाओं के बीच, जब मकर संक्रांति की पतंगें अब भी आकाश में मंडरा रही होती हैं, माताएँ भोर से निराहार रहकर गणपति की आराधना करती हैं। पीले वस्त्रों से सजे श्रीगणेश को तिल-गुड़, धूप, घी, रोली, कलावा और सुगंधित पुष्प अर्पित किए जाते हैं। संध्या बेला में पूजा के पश्चात चंद्रदेव को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है। परम्परा कहती है कि धर्मराज युधिष्ठिर ने भी श्रीकृष्ण के निर्देश पर यही व्रत किया था, जिससे इसकी महिमा और अधिक बढ़ जाती है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

सकट चौथ की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिपौष, कृष्ण तृतीया
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान गणेश
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)पौष
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह माघ माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन पौष माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में सकट चौथ 25 जनवरी 2027 (सोमवार) को है।
सकट चौथ पौष, कृष्ण तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।