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पौष मासिक शिवरात्रि

26 दिसंबर 2027 · रविवार मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी

पौष माह 2027 में मासिक शिवरात्रि कब है?

संक्षिप्त उत्तर

पौष मासिक शिवरात्रि 2027 कब है?

पौष मासिक शिवरात्रि 2027 रविवार, 26 दिसंबर 2027 को मनाई जाएगी। पौष मासिक शिवरात्रि की तिथि मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी है। पौष मासिक शिवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:42 – 08:48 तक रहेगा।

दिनांक26 दिसंबर 2027
तिथिमार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी
पूजा मुहूर्त06:42 – 08:48
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशीपौष माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवताभगवान शिव
वार-देवतासूर्य देवरविवार
नक्षत्रज्येष्ठाशूल
संक्षिप्त परिचय

पौष मासिक शिवरात्रि का महत्व और उत्सव

पौष मासिक शिवरात्रि मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्रज्येष्ठा
योगशूल
करणविष्टि
ऋतुशिशिरउत्तरायण
संवत्सररौद्र
दिशा शूलपश्चिमघी या दलिया खाकर

पौष मासिक शिवरात्रि के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:06 – 05:54 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:42 – 08:48 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:37 – 12:19 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:50 – 16:32 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:27 – 17:39 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 15:56 – 17:15 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 25 Dec 11:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:06–05:54
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:42–08:48
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:37 – 12:19
तिथि समाप्त 27 Dec 12:22 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:27–17:39

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

पौष मासिक शिवरात्रि — महत्व, कथा और परंपरा

पौषमास की कृष्णपक्ष चतुर्दशी को मनाई जाने वालीमासिकशिवरात्रि’ शिवभक्तों के लिए साधना का सरल, पर प्रभावी अवसर है। सूर्य इस समय धनुराशि में रहता है; हेमंत की ठिठुरन के बीच तिल‑दान और सूर्य‑अर्घ्य की परम्परा चरम पर होती है। ऐसे पवित्र वातावरण में रुद्र‑पूजन मन को शांति और दृढ़ता दोनों देता है। पूजन विधि सरल है: दिन‑भर निराहार रहकर संध्याकाल में बिल्वपत्र, जल, आक‑पुष्प व धतूरा चढ़ाएं और ‘ॐनमःशिवाय’ का जप करें। रात्रि के चारों प्रहर दूध, दही, घृत और शहद से अभिषेक करना पुण्यदायी माना गया है; इस काल में अग्निहोत्र भी लाभकारी है। शास्त्र कहते हैं कि इस व्रत से क्रोध, ईर्ष्या, अभिमान व लोभ क्षीण होते हैं; दाम्पत्य‑कलह शांत होता है, संतान‑सुख व आरोग्य मिलता है, और अविवाहितों को योग्य जीवनसाथी का वरदान प्राप्त होता है।

मंत्र संग्रह

पौष मासिक शिवरात्रि से संबंधित मंत्र

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शिव मूल मंत्र

ॐ नमः शिवाय

“ॐ नमः शिवाय” का अर्थ है—मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। इसमें “ॐ” परम चेतना, “नमः” विनम्र समर्पण और “शिवाय” कल्याणकारी भ…

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विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

पौष मासिक शिवरात्रि की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)मार्गशीर्ष
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह पौष माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन मार्गशीर्ष माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में पौष मासिक शिवरात्रि 26 दिसंबर 2027 (रविवार) को है।
पौष मासिक शिवरात्रि मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।