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माघ गुप्त नवरात्रि

7 फरवरी 2027 · रविवार पौष, शुक्ल प्रतिपदा

माघ माह 2027 में गुप्त नवरात्रि कब है?

संक्षिप्त उत्तर

माघ गुप्त नवरात्रि 2027 कब है?

माघ गुप्त नवरात्रि 2027 रविवार, 7 फरवरी 2027 को मनाई जाएगी। माघ गुप्त नवरात्रि की तिथि पौष, शुक्ल प्रतिपदा है। माघ गुप्त नवरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:38 – 08:51 तक रहेगा।

दिनांक7 फरवरी 2027
तिथिपौष, शुक्ल प्रतिपदा
पूजा मुहूर्त06:38 – 08:51
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिपौष, शुक्ल प्रतिपदामाघ माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतामाँ दुर्गा
वार-देवतासूर्य देवरविवार
नक्षत्रधनिष्ठावरीयान
संक्षिप्त परिचय

माघ गुप्त नवरात्रि का महत्व और उत्सव

माघ गुप्त नवरात्रि पौष, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन माँ दुर्गा की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल प्रतिपदा
नक्षत्रधनिष्ठा
योगवरीयान
करणकिंस्तुघ्न
ऋतुशिशिरउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपश्चिमघी या दलिया खाकर

माघ गुप्त नवरात्रि के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 05:02 – 05:50 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:38 – 08:51 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:49 – 12:34 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:16 – 17:01 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:58 – 18:10 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 16:22 – 17:46 शुभ कार्य में टालें सावधानी
माघ गुप्त नवरात्रि प्रारंभ 07 Feb 05:00 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 05:02–05:50
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:38–08:51
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:49 – 12:34
माघ गुप्त नवरात्रि समापन 16 Feb 05:00 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:58–18:10

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

माघ गुप्त नवरात्रि — महत्व, कथा और परंपरा

हिंदू धर्म में माघ मास को अत्यंत पवित्र और साधना के लिए उत्तम माना गया है। इसी महीने में आने वाली गुप्त नवरात्रि साधकों के लिए विशेष महत्व रखती है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह ही माघ और आषाढ़ मास में दो गुप्त नवरात्रियाँ मनाई जाती हैं, लेकिन इनका स्वरूप साधना-प्रधान होता है। माघ गुप्त नवरात्रि शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तिथि तक चलती है। इन नौ दिनों में दस महाविद्याओं—मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगुलामुखी, मातंगी और कमला देवी—की पूजा का विशेष विधान है। शास्त्रों में इसे गुप्त सिद्धियों व तांत्रिक साधनाओं का श्रेष्ठ काल बताया गया है। इस दौरान साधक कठोर नियम, ब्रह्मचर्य और विशेष पूजन विधियों का पालन कर देवी कृपा और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

माघ गुप्त नवरात्रि की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिपौष, शुक्ल प्रतिपदा
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवमाँ दुर्गा
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में माघ गुप्त नवरात्रि 7 फरवरी 2027 (रविवार) को है।
माघ गुप्त नवरात्रि पौष, शुक्ल प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।