माघ, शुक्ल पूर्णिमा

माँ ललिता प्राकट्योत्सव

20 Feb 2027, 01:29 PM Ujjain शनिवार
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माघ माह 2027 में माँ ललिता प्राकट्योत्सव कब है?

माघ शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाने वाला माँ ललिता प्राकट्योत्सव श्री-विद्या उपासकों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। महात्रिपुरसुन्दरी—जिन्हें षोडशी, ललिताम्बिका, राजराजेश्वरी, लीलावती आदि अनेक नामों से पुकारा जाता है—दस महाविद्याओं में तृतीय महाविद्या हैं और श्री-यंत्र की अधिष्ठात्री भी। पौराणिक मत है कि इस दिन देवताओं ने उनकी कृपा से असुरों पर विजय पाई थी; तभी से पूर्णिमा की रात्रि लाल-चंदन, कमल-दल, शृंगार सामग्रियों तथा श्रीफल से देवी-पूजन का विधान चला आ रहा है। साधक “ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरसुन्दरीयै नमः” मंत्र जपकर जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति और परम मोक्ष की कामना करते हैं। ललिता-सहस्रनाम पाठ के साथ स्कन्दमाता और भगवान शंकर का अभिषेक भी किया जाता है, जिससे घर-परिवार में सौन्दर्य, समृद्धि व आध्यात्मिक तेज का प्रसार होता है।

अंतिम अपडेट: 30 Mar 2026 20 Feb 2027
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