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करवाचौथ

29 अक्टूबर 2026 · गुरुवार आश्विन, कृष्ण चतुर्थी

कार्तिक माह 2026 में करवाचौथ कब है?

संक्षिप्त उत्तर

करवाचौथ 2026 कब है?

करवाचौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। करवाचौथ की तिथि आश्विन, कृष्ण चतुर्थी है। करवाचौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:04 – 08:19 तक रहेगा।

दिनांक29 अक्टूबर 2026
तिथिआश्विन, कृष्ण चतुर्थी
पूजा मुहूर्त06:04 – 08:19
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिआश्विन, कृष्ण चतुर्थीकार्तिक माह के व्रत-त्योहार
मुख्य देवताभगवान शिव, माँ पार्वती, श्री गणेश, कुमार कार्तिकेय तथा नंदी
वार-देवताभगवान विष्णुगुरुवार
नक्षत्ररोहिणीपरिघ
संक्षिप्त परिचय

करवाचौथ का महत्व और उत्सव

करवाचौथ आश्विन, कृष्ण चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन भगवान शिव, माँ पार्वती, श्री गणेश, कुमार कार्तिकेय तथा नंदी की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्ररोहिणी
योगपरिघ
करणबव
ऋतुहेमन्तदक्षिणायन
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलदक्षिणदही खाकर

करवाचौथ के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:28 – 05:16 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:04 – 08:19 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:19 – 12:04 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 15:49 – 16:34 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 16:31 – 17:43 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 13:06 – 14:30 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 29 Oct 01:06 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:28–05:16
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:04–08:19
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:19 – 12:04
तिथि समाप्त 29 Oct 10:09 PM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 16:31–17:43

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

करवाचौथ — महत्व, कथा और परंपरा

कार्तिक मास का आगमन हल्की गुलाबी ठंडक, धान‑कटाई की सुगंध और दीपपर्व की तैयारियों का संकेत देता है। इसी माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा जाता है, जिसमें सुहागिनें पति की दीर्घ आयु और वैवाहिक सौभाग्य के लिए उपासना करती हैं। व्रती स्त्रियाँ सोलह श्रृंगार से सजकर शिव‑परिवार—भगवान शिव, माँ पार्वती, श्री गणेश, कुमार कार्तिकेय तथा नंदी—का पूजन करती हैं। चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का अधिष्ठाता माना गया है; चंद्रोदय पर अर्घ्य देने से दाम्पत्य‑जीवन में सौहार्द और सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कार्तिक के पुण्य‑काल में यह व्रत आस्था, अनुराग और ऋतु‑परिवर्तन, तीनों का अद्भुत संगम रचता है, जो पारम्परिक परिवारों को कर्तव्य‑बोध और भावनात्मक निकटता का स्पष्ट संदेश देता है।

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

करवाचौथ की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिआश्विन, कृष्ण चतुर्थी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवभगवान शिव, माँ पार्वती, श्री गणेश, कुमार कार्तिकेय तथा नंदी
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अमांत माह (दक्षिण/महा./गुज.)आश्विन
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। यह तिथि पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) के अनुसार है, जिसमें यह कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष में आती है। दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में प्रचलित अमांत पंचांग में यही दिन आश्विन माह में गिना जाता है — तिथि और पर्व वही रहते हैं, केवल माह का नाम भिन्न होता है। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा चशास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में करवाचौथ 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को है।
करवाचौथ आश्विन, कृष्ण चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।