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गुरु रविदास जयंती

20 फरवरी 2027 · शनिवार माघ, शुक्ल चतुर्दशी

माघ माह 2027 में गुरु रविदास जयंती कब है?

संक्षिप्त उत्तर

गुरु रविदास जयंती 2027 कब है?

गुरु रविदास जयंती 2027 शनिवार, 20 फरवरी 2027 को मनाई जाएगी। गुरु रविदास जयंती की तिथि माघ, शुक्ल चतुर्दशी है। गुरु रविदास जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त 06:29 – 08:46 तक रहेगा।

दिनांक20 फरवरी 2027
तिथिमाघ, शुक्ल चतुर्दशी
पूजा मुहूर्त06:29 – 08:46
पर्व जानकारी

पर्व सारांश

मुख्य तिथिमाघ, शुक्ल चतुर्दशीमाघ माह के व्रत-त्यौहार
मुख्य देवतागुरु रविदास
वार-देवताशनि देवशनिवार
नक्षत्रआश्लेषाशोभन
संक्षिप्त परिचय

गुरु रविदास जयंती का महत्व और उत्सव

गुरु रविदास जयंती माघ, शुक्ल चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला हिंदू पर्व है। इस दिन गुरु रविदास की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि एवं रक्षा की प्रार्थना की जाती है।

पंचांग विवरण

त्योहार का पंचांग और शुभ समय

मुख्य पंचांग विवरण

तिथि (सूर्योदय)शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्रआश्लेषा
योगशोभन
करणवणिज
ऋतुवसन्तउत्तरायण
संवत्सरसिद्धार्थि
दिशा शूलपूर्वअदरक या तिल खाकर

गुरु रविदास जयंती के दिन पूजा, स्नान और दान का शुभ समय

मुहूर्त / योगसमयउपयोगस्थिति
ब्रह्म मुहूर्त 04:53 – 05:41 स्नान, जप, संकल्प शुभ
प्रातः पूजन 06:29 – 08:46 पूजा और संकल्प श्रेष्ठ
अभिजीत मुहूर्त 11:48 – 12:34 सामान्य शुभ कार्य शुभ
विजय मुहूर्त 16:23 – 17:09 कार्य-सिद्धि, संकल्प शुभ
सन्ध्या पूजन 17:07 – 18:19 दीप, आरती, कथा शुभ
राहु काल (वर्ज्य) 09:20 – 10:46 शुभ कार्य में टालें सावधानी
तिथि शुरू 20 Feb 07:59 AM
ब्रह्म मुहूर्त जप / स्नान 04:53–05:41
प्रातः पूजा मुख्य संकल्प 06:29–08:46
अभिजीत शुभ मुहूर्त 11:48 – 12:34
तिथि समाप्त 21 Feb 04:52 AM
सन्ध्या पूजन दीप, आरती 17:07–18:19

समय वाराणसी के सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित हैं; स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।

पर्व विवरण

गुरु रविदास जयंती — महत्व, कथा और परंपरा

माघ पूर्णिमा की स्वर्णिम प्रभा गुरु रविदास जयंती को चेतना का पर्व बना देती है। विश्वास है कि 1398 ई. की इसी तिथि, एक रविवार की भोर, सूर्य-चरणवत् आलोक लिए इस संत का जन्म हुआ—इसीलिये उनका नाम रविदास पड़ा। चमड़े का काम करने वाले साधारण परिवार में उत्पन्न होकर भी उन्होंने असाधारण विचार दिए; उनका दोहा “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी अंतर मन को झकझोर देता है। ‘बेगमपुरा’ उनकी वह कल्पना-भूमि है जहाँ लोभ, भेदभाव और दरिद्रता का नाम-निशान नहीं। संत वाणी ने धर्म-जाति की दीवारें प्रेम, समानता और सेवा के शब्द-बाणों से भेद कर समाज को नई दृष्टि प्रदान की। जयंती के दिन श्रद्धालु कीर्तन-सेवा, लंगर और स्वच्छता अभियानों के जरिये यह संकल्प दोहराते हैं—हर हाथ को काम, हर हृदय को सम्मान और हर जीवन को गरिमा मिले।

 

विश्वसनीयता एवं प्रामाणिकता

गुरु रविदास जयंती की तिथि कैसे निर्धारित हुई?

पंचांग-सत्यापित
पंचांग तिथिमाघ, शुक्ल चतुर्दशी
गणना का आधारतिथि-आधारित (चंद्र-सौर)
गणना पद्धतिदृक् गणित (Meeus)
संदर्भ स्थानउज्जैन
आराध्य देवगुरु रविदास
माह पद्धतिपूर्णिमांत (उत्तर भारत)
अंतिम संशोधन05 Sep 2026

तिथि का निर्धारण सूर्योदय के समय प्रचलित तिथि से होता है, और सूर्योदय प्रत्येक नगर में भिन्न होता है — इसलिए स्थान बदलने पर तारीख़ में एक दिन का अंतर संभव है। इसी कारण Bhakti Sarovar पर समय एक राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि आपके चुने हुए नगर के वास्तविक सूर्योदय के अनुसार गणना किए जाते हैं। पूरी गणना पद्धति पढ़ें →

इस पृष्ठ के योगदानकर्ता
प्रमूल लेखनप्रियंका शर्मा शास्त्रीय सत्यापनचन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी दीसंपादकीय समीक्षादीपक शर्मा

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सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में गुरु रविदास जयंती 20 फरवरी 2027 (शनिवार) को है।
गुरु रविदास जयंती माघ, शुक्ल चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है।
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अस्वीकरण

इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह केवल सामान्य सूचना हेतु हैं। भक्ति सरोवर इनका समर्थन नहीं करता। जानकारी विभिन्न पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं और धर्मग्रंथों से संग्रहित है। कृपया अपने विवेक का उपयोग करें।