मंदिरों से संबंधित रोचक तथ्य(65)
पूरा बृहदीस्वर मंदिर कठोर ग्रेनाईट व सैंडस्टोन की चट्टानों से बनाया गया है, ग्रेनाईट पत्थर का सबसे समीपवर्ती स्रोत मंदिर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इतनी लम्बी दूरी से इतनी बड़ी मात्रा में और विशाल आकार के पत्थरों को मंदिर निर्माण स्थल तक कैसे लाया गया, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। मंदिर के आस-पास कोई पहाड़ भी नहीं है, जिससे पत्थर लिए जाने की सम्भावना हो।
1000 वर्ष पुराना बृहदीस्वर शिव मंदिर तमिलनाडु प्रदेश के तंजावुर में स्थित है। भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक बृहदीस्वरर मंदिर का निर्माण चोल सम्राट राज राजा चोल प्रथम ने स्वप्न में दैवीय प्रेरणा प्राप्त होनेपर करवाया था। बृहदीस्वरर मंदिर को UNESCO World Heritage Site लिस्ट में स्थान दिया गया है।
18वीं शताब्दी में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को 12 वर्षों के लिए बंद कर दिया गया था। कहा जाता है कि उस समय एक राजा ने 12 लोगों को मृत्युदंड देकर मंदिर की दीवारों पर लटका दिया था, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और अशांति फैल गई। मान्यता है कि ठीक उसी समय वेंकटेश्वर स्वामी स्वयं प्रकट हुए, और इस दैवीय हस्तक्षेप के कारण यह घटना रहस्यमय बन गई। आज भी इस प्रसंग को लेकर श्रद्धालुओं के मन में कई सवाल उठते हैं, लेकिन यह कथा मंदिर की दिव्यता और भगवान वेंकटेश्वर की अलौकिक उपस्थिति का प्रतीक मानी जाती है।