पूजा से संबंधित रोचक तथ्य(33)
भगवान शिव का महाकाल स्तोत्र अति दुर्लभ और चमत्कारी माना गया है, इस स्तोत्र में भगवान महाकालेश्वर के सहस्त्र नामों का उल्लेख है। शिक्षा पूरी होने के बाद जब श्री कृष्ण जी गुरु सांदीपनि के आश्रम से जाने लगे तब उन्होंने, गुरु से महाकालेश्वर का महात्म्य पूछा। महात्म्य वर्णन के लिये गुरु सांदीपनि शिष्यों के साथ महाकालेश्वर पहुंचे और वहां महाकालेश्वर के सहस्त्र नाम लेकर बिल्वपत्र द्वारा अर्चना की, यह सहस्त्र नाम सांदीपनि वंश में विद्यमान है, इनमें कुल 177 श्लोक हैं। श्री कृष्ण नें महाकाल स्तोत्र का वर्णन कहते हुये कहा है, महाकाल के जो सहस्त्र नाम हैं, उनका महर्षि स्वयं मैं हूं, अनुष्टुप छंद है, और देव महाकाल है।