गौ-माता से संबंधित रोचक तथ्य(53)
महात्मा गांधी ने भी कहा है कि गोवंश की रक्षा करना, ईश्वर की सारी मूक सृष्टि की रक्षा करने जैसा है। भारत की खुशहाली और प्रगति गाय के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, गाय प्रसन्नता और उन्नति की जननी है और कई मायनों में वह हमारी जन्मदात्री माँ से भी श्रेष्ठ स्थान रखती है, क्योंकि वह जीवन भर हमें पोषण देती है।
स्कंद पुराण में कहा गया है कि ‘गौ सर्वदेवमयी’ और ‘वेद सर्वगौमय’ हैं, जिसका अर्थ है कि गाय में सभी देवी-देवताओं का वास है और वेद गाय में समाए हुए हैं। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए गुरु गोविंदसिंहजी ने भी गौमाता के प्रति अपना दृढ़ संकल्प प्रकट किया—उन्होंने कहा कि गौ माता का दु:ख मिटाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।